ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे , स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट , दास जनों के संकट , क्षण में दूर करे || जो ध्यावे फल पावे , दुख बिनसे मन का स्वामी दुख बिनसे मन का सुख सम्पति घर आवे , कष्ट मिटे तन का || ॐ जय जगदीश हरे || मात पिता तुम मेरे , शरण गहूं मैं किसकी स्वामी शरण गहूं मैं किसकी तुम बिन और न दूजा , आस करूं मैं जिसकी || ॐ जय जगदीश हरे || तुम पूरण परमात्मा , तुम अंतरयामी स्वामी तुम अंतरयामी पारब्रह्म परमेश्वर , पारब्रह्म परमेश्वर , तुम सब के स्वामी || ॐ जय जगदीश हरे ||
भिलट बाबा प्रसिद्ध शिखरधाम नागलवाडी